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ब्रांड मार्केटिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से फर्जी ISO सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज बरामद

 

नोएडा थाना बिसरख पुलिस द्वारा एक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो,सोशल मीडिया सोशल मीडिया मार्केटिंग, फ्लिपकार्ट/एमेजोन, लिस्टिंग, वैबसाइट डिजाइनिंग, बार कोड, ISO सर्टिफिकेशन, डोमेन बुंकिग, प्रोडक्ट प्रोमेशन, वीडियों शूट आदि के माध्यम से ग्राहकों को लुभावने ऑफर देकर/विक्रेताओं, उत्पादक ,निर्माताओं को प्रलोभित कर फर्जी डाटा दिखाकर सामान को जल्दी बिकवाने हेतु अधिक मुनाफा दिलाने तथा प्रोडक्ट को आईएसओ सर्टिफाइड करवाने का झांसा देते थे। अभियुक्तगण वेवसाइट पर मौजूद विभिन्न आईएसओ सर्टिफिकेट देने वाली कम्पनियों के प्रोफार्मा को डाउनलोड करके उस पर एडिटिंग करके मात्र एक दिन में कस्टमर को दस्तावेज उपलब्ध कराते थे तथा उसकी प्रमाणिकता साबित करने के लिए फर्जी वेबसाइट बनाते थे। जब विक्रेता उनके साथ जुडकर उन्हे निर्धारित धनराशि का भुगतान कर देता था तब वे उनसे सैम्पल के रुप में कुछ सामान मंगाते थे, जिसे वो आपस में बांट लेते थे तथा विक्रेता को बता देते थे कि आपका सामान डिस्ट्रीब्यूटरो को सैम्पल के रुप में भेज दिया गया है। जल्द ही डिस्ट्रीब्यूटर आपको बड़ा आर्डर प्रदान करेंगे। इसके बाद जब उत्पादक उन लोगो को फोन करके डिस्ट्रीब्यूटरो के बारे में पूछता था तो वे उसे बताते थे कि आपका उत्पाद बहुत ही अच्छी क्वालिटी का है इसलिये इसे बडे-बडे सुपर मार्ट आदि में बिकना चाहिये जिसके लिये आपको मान्यता प्राप्त एजेंसी से सर्टिफाईड होना पडेगा। आमतौर पर उत्पादको के पास इस प्रकार के प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होते है, जिसके लिये अभियुक्तगण विदेशो कि बडी-बडी कंपनियों के नाम बताकर एवं भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था बताकर उनसे उत्पादक की कम्पनी को प्रमाणित करवाने की बात कहकर प्रमाण पत्र के नाम पर और अधिक पैसा वसूल करते थे, जबकि अभियुक्तगण मिलीभगत करके उनके पास पहले से मौजूद ड्राफ्ट व डेमो सर्टिफिकेट फ़र्ज़ी करके प्रमाण पत्र अपने ऑफिस पर ही लैपटॉप का इस्तेमाल करके तैयार कर लेते थे। इसके लिये विज्ञापन हेतु और पैसे अधिक पैसे वसूलते थे, जब उत्पादक अभियुक्तगण को पैसे दे देता था तो वे फिर उसे कुछ समय तक टाल-मटोल करते रहते थे। काफी समय बीत जाने पर जब उत्पादक परेशान होकर डिस्ट्रीब्यूटर ना प्रदान किये जाने/दस्तावेजो की गुणवत्ता की शिकायत करता था तथा उनसे अपना पैसा वापस मांगता था तो अभियुक्तगण उसे बताते थे कि आपके उत्पाद की गुणवत्ता बहुत ही खराब स्तर की है इसलिये कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर इसे बेचने के लिये तैयार नहीं हो रहा है और आपने जो पैसा हमे दिया था वो विज्ञापनो और उत्पाद के सैम्पलो को भिजवाने आदि में खर्च हो गया है। इसलिये पैसा वापस नहीं किया जा सकता है। उत्पादक अभियुक्तगण के ऑफिस मे आकर कोई विरोध ना कर सके इसलिये यह गैर राज्यो के उत्पादको को अपना क्लाईंट बनाते थे।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान अभियुक्त मयंक तिवारी ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह ब्रांडौलाजी मार्केटिंग प्रा0लि0 का डायरेक्टर था । उसकी कंपनी उत्पाद की डिजिटल मार्केटिंग करती है तथा उन्हे आईएसओ सर्टिफिकेट दिलवाने का भी काम करती है। हम लोग इसी लैपटॉप और बरामद आईएसओ सर्टिफेकेट व अन्य कागजातो के माध्यम से कंपनियो से रूपये लेते है।

अभियुक्त विकास शर्मा ने पूछने पर बताया कि वह उपरोक्त कम्पनी में सेल्स एक्जिक्यूटिव के पद पर कार्य करता था, तथा बरामद लैपटाप/मोबाइल से सारे सर्टिफिकेट व प्रपत्र तैयार करता था।

अभियुक्त प्रदीप कुमार यादव ने पूछने पर पर बताया कि वह इस कंपनी में करीब 3 साल से मंयक तिवारी के साथ काम कर रहा था। हम सब मिलकर ग्राहको को डिजिटल मार्केटिंग के नाम पर प्रलोभन देकर उनसे उनका उत्पाद को और अधिक मुनाफे पर बेचे जाने का कहकर उनसे रूपये लेते है।

अभियुक्त अविनाश गिरी ने पूछने पर बताया कि वह इस कंपनी में वेबसाइट डैवलैपर्स का काम करता था। जहां पर मैं लोगो को प्रलोभन देने के लिए ब्रांडौलाजी मार्केटिंग कंपनी की वेबसाइट पर गलत डाटा दिखाता था। जिसे देखकर वो हमे अपने उत्पाद की डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए पैसे देते है।

अभियुक्त प्रदीप यादव ने पूछने पर बताया कि वह इस कंपनी के लिए एडवरटाईजिंग का काम करता था ताकि अधिक से अधिक विक्रेता व निर्माता इस कंपनी में अपने प्रोडक्ट की डिजिटल मार्केटिंग कराने के लिए पैसा लगाये।

अभियुक्त केशव ने पूछने पर बताया कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से मयंक के साथ कस्टमर रिलेशन मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। मेरा काम अपने साथियो के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज जैसे आईएसओ सर्टिफिकेट बनाना तथा उसकी प्रमाणिकता साबित करने के लिये फर्जी वेबसाईट बनाना है।

पुलिस द्वारा इस गिरोह के मयंक तिवारी, विकास शर्मा, प्रदीप कुमार यादव, अविनाश गिरी, प्रदीप यादव, केशव को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस को अभियुक्तों के पास से लेपटॉप,8 मोबाइल, टेबलेट इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, स्वेप मशीन, 60 फ़र्ज़ी आईएसओ सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज प्राप्त हुए है।

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