नोएडा जहाँ एक तरफ केंद्र और राज्यों की सरकारों द्वारा एक पेड़ माँ के नाम आदि योजनाओं द्वारा समय समय पर वृक्षरोपण का कार्य किया जा रहा है वहीं नोएडा के एक पोर्श सेक्टर में दशकों पुराने और छायादार वृक्ष काटे जाने ख़बर सामने आई है। नोएडा के सेक्टर-50 स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर बिजली के तार लगाने के नाम पर 2 दशकों से ज़्यादा पुराने पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों की कटाई का विरोध किया और इसे पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसान बताया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नोएडा प्राधिकरण और बिजली विभाग द्वारा कई घने और छायादार पेड़ों को काटकर केवल तने छोड़ दिए गए। उनका कहना है कि ये पेड़ लंबे समय से क्षेत्र की हवा को स्वच्छ रखने, पक्षियों को आश्रय और राहगीरों को छाया देने का काम करते थे।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि बिजली के तारों के लिए पेड़ों की कटाई के बजाय अंडरग्राउंड केबलिंग और लाइन शिफ्टिंग जैसे वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। साथ ही, इस प्रकार की कटाई पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ।
लोगों ने काटे गए प्रत्येक पेड़ो के बदले नए पेड़ लगाए जाने की भी मांग की। उनका कहना है कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण और हरियाली को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इस दौरान स्थानीय निवासी मुकेश भाटी, राजीव गांधी, बलिचंद, योगेश गुप्ता, ठाकुर राजबहादुर जादौन और सुदर्शन जैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
