गाजियाबाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अत्यधिक ठंड एवं शीत लहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के सम्बंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में शीतलहर से प्रभावित निराश्रित, असहाय एवं कमजोर वर्ग के लोगों को राहत देने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए है।
जिलाधिकारी के अनुसार प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण खुले में सोने को विवश न हो, इसलिए नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में रैन बसेरे और शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं। इन रैन बसेरों में गद्दे, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, किचन सहित सभी मूलभूत सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही रैन बसेरों के पास अनिवार्य रूप से अलाव की व्यवस्था भी की जाएगी।
इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद के प्रमुख चौराहों एवं मार्गों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति सड़क या फुटपाथ पर सोता हुआ न मिले। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें कंबल वितरित करने के भी निर्देश दिए गए।
ठंड से होने वाली बीमारियों की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशु पालन विभाग को गौशालाओं में रह रहे पशुओं के लिए ठंड से बचाव हेतु समुचित इंतज़ाम करने के निर्देश जारी किए गए। नगर निगम को रैन बसेरों में सुविधाएं बेहतर बनाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया।
सुरक्षा के दृष्टिगत आरटीओ एवं जिला गन्ना अधिकारी को ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रकों व अन्य वाहनों पर अनिवार्य रूप से रेडियम पट्टी लगवाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि रैन बसेरों में तैनात केयरटेकर का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर तथा अलाव हेतु चिन्हित स्थलों की सूची व फोटोग्राफ जिला आपदा विशेषज्ञ को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), जिला सर्विलांस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम के अधिशासी अभियंता, जिला पंचायतराज अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
