नोएडा आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कार्यकर्ता एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पहुंचे।
दरअसल बरौला निवासी सुरेंद्र सिंह की पत्नी का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज का कुल बिल 2.70 लाख रुपये बना, लेकिन कंपनी ने केवल 1.15 लाख रुपये ही अप्रूव किए। बकाया राशि के लिए परिवार को परेशान किया जा रहा था। पीड़ित परिवार ने कंपनी कार्यालय में संपर्क किया, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सूचना मिलने पर भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता भारी संख्या में कंपनी के कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं को देखते ही कई अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग खड़े हुए । यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि बकाया क्लेम तुरंत पास नहीं किया गया तो वहीं धरना शुरू कर दिया जाएगा।
भारी दबाव के बाद कंपनी के गार्ड अमन रंजन ने अधिकारियों से वार्ता कराई। आखिरकार कंपनी ने पूरे 2.70 लाख रुपये का बिल अप्रूव कर दिया। इसके बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल सकी।
इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बी.सी. प्रधान ने कहा, “बीमा कंपनियों ने लूट मचा रखी है। किसी को भी गरीब-मजदूर-किसान का शोषण नहीं करने दिया जाएगा।”
महानगर अध्यक्ष महेश तंवर ने बताया, “पॉलिसी बेचते वक्त बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन मुसीबत के समय मरीज और परिवार का शोषण होता है।”
इस मौके पर राजपाल कसाना, डॉ. बबलू यादव, हरेंद्र बैसोया, मन्नू पंडित, महेश चौधरी, हरि अवाना, विजयपाल भाटी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
