लखनऊ के वृंदावन में प्रदेश का पहला ई-बस पोर्ट बनने जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस ई-बस पोर्ट में 75 प्लेटफॉर्म होंगे और यहां से 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। निर्माण का काम अगले माह शुरू करने की तैयारी है।
योगी कैबिनेट के फैसले के बाद नगरीय परिवहन निदेशालय ने कार्यदायी संस्था ओमेक्स को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर दिया है।
प्रदेश में एक साल में 1,725 नई ई-बसें खरीदने की योजना है। इनमें लखनऊ और कानपुर को 300-300, और बाकी 1,125 बसें 15 शहरों को मिलेंगी। बस खरीद में यूपी के तीन निर्माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
दो चरणों में चलाई जाएंगी 300 बस।
लखनऊ में 300 ई-बसें दो चरणों में चलाई जाएंगी। पहले चरण में 150 बसें चलाई जाएंगी। ये बसे 14 रूटों पर संचालित होंगी।
प्रदेश की राजधानी को मिलने वाली इन 300 बसों में 100 बसें 9 मीटर और 200 बसें 12 मीटर लंबी होंगी। इससे रोजाना करीब 25 से 30 हजार यात्रियों का सफर आसना हो जाएगा।
लखनऊ सिटी के यातायात विभाग द्वारा सभी 14 रूटों का सर्वे करने के बाद रिपोर्ट नगरीय परिवहन निदेशालय को भेज दी है।
