गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम थानों की कार्यप्रणाली मे महत्वपूर्ण बदलाव करके उन्हें और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। गौतमबुद्धनगर में साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम एवं हेतु नोएडा सेक्टर-36 स्तिथ साइबर थाना, साइबर सेल (हेल्प लाइन) 108 व सभी थानों पर एक-एक साइबर हेल्प डेस्क स्थापित है। इनके माध्यम से पीड़ित की तत्काल मदद,एफआईआर दर्ज कराने, कानूनी सहायता कराने मे कराया जा रहा है।
पूर्व में 5 लाख या उससे अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामलों को ही साइबर थानों पर दर्ज़ किया जाता था। लेकिन अब बदलती परिस्थितियों के दृष्टिगत 5 लाख की न्यूनतम सीमा को समाप्त कर दिया गया है। अब कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थानों पर आईटी एक्ट से संबंधित किसी भी राशि के साइबर अपराधों के मामले पंजीकृत किए जा सकेंगे। कॉल सेन्टर सम्बन्धी अपराधिक घटनाओं की विवेचना साइबर क्राइम थानों द्वारा टीम बनाकर करायी जाएगी। अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए संगठित साइबर गैंग(Organized Gang) अथवा इंटरस्टेट कॉल सेंटर आधारित एवं धोखाधड़ी जैसे प्रकरणों की विवेचना साइबर थानों की विशेष टीम द्वारा कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त विवेचकों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए है।
साइबर अपराधों की विवेचना हेतु समय-समय पर स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से आधुनिक तकनीकों का उपयोग सिखाया जा रहा है, इससे न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो रहा है, बल्कि विवेचना में भी आशा के अनुरूप सफलता प्राप्त हो रही है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित Cytrain पोर्टल के माध्यम से बेसिक कोर्स प्रारंभ किया गया है। प्रथम चरण में 204 विभिन्न रैंक के अधिकारीयों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, इसके पश्चात Level-2 एवं Level-3 कोर्स भी कराए जाएंगे। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के हर स्तर के पुलिसकर्मियों को साइबर प्रशिक्षण देकर उन्हें डिजिटल अपराधों की चुनौतियों से निपटने हेतु और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है।
