नोएडा थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए वादी के अस्पताल को प्राप्त होने वाली करीब 9 करोड़ रुपये की धनराशि को धोखाधड़ी करते हुए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कराने वाले अभियुक्त नीरज मांडिया को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्त नीरज मांडिया द्वारा बताया गया कि उसके साथ शुभम व अन्य साथी भी है, जिन्होनें अभियुक्त नीरज मांडिया से मांडिया ट्रेडर्स के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर किट दी गई है,जिससे उसके बैंक खाते में अस्पताल में हुई धोखाधड़ी के 2,50,48,011 रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई थी, अभियुक्त नीरज को इस कार्य के लिए 10,000 रुपये प्रति माह प्राप्त होते थे। उक्त बैंक खाते के ट्रांजेक्शन विवरण से पाया गया कि विगत 02 वर्षों में करीब 81.36 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है, जिसके संबंध में छानबीन की जा रही है।
पीड़ित द्वारा उनके हॉस्पीटल में कैशलेश व्यवस्था के अन्तर्गत मेडिकल बिल के पेमेंट में हुयी 9 करोड की धोखाधडी होने के संबंध में आईटी एक्ट में मामला दर्ज़ कराया गया था जिसकी जाँच में साक्ष्य के आधार पर थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा घटना को अंजाम देने वाले हॉस्पिटल के पूर्व रिकवरी अधिकारी व उसके अन्य 2 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
नोट साइबर जागरूकता सुझाव
1- साइबर से संबंधित किसी समस्या के लिये साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर- 1930 अथवा साइबर क्राइम की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
2- क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, पैन कार्ड व आधार कार्ड अपडेट करने के लिए बैंक द्वारा कोई लिंक नहीं भेजा जाता है।
3- यदि संभव हो तो सदैव भारत सरकार के द्वारा अधिकृत तथा सेबी द्वारा निगरानी की जाने वाली शेयर मार्केट में ही निवेश करें।
4- यू ट्यूब, गूगल, फेसबुक, व्हाट्सएप लाइक कर धन कमाने या टास्क पूरा करने के नाम पर धन कमाने का ऑफ़र देने वाली फर्जी कॉल से बचें। धोखेबाज के बहकावे में आकर पैसा ट्रांसफर न करें।
5- यू ट्यूब, गूगल ,फेसबुक,व्हाट्सअप लाइक कर एवं गेमिंग ऐप से धन कमाने या टास्क पूरा करने के नाम पर धन कमाने का ऑफर देने वाली फर्जी कॉल से बचें। धोखेबाज के बहकावे में आकर पैसा ट्रांसफर न करें।
