नोएडा आगाहपुर-भंगेल एलिवेटेड रोड जो जनता की सुविधा के लिए बनाया गया था, तीन साल पहले शुरू होना था। रोड पूरी तरह तैयार होने के बावजूद भी उद्घाटन के लिए बाट जोह रहा है। इस देरी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने विरोध दर्ज कराया है।
भाकियू (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बी.सी. प्रधान ने बताया कि नोएडा की डीएससी रोड सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जिससे रोज़ लाखों लोग गुजरते हैं। बरौला और भंगेल में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी। इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने वर्ष 2020 में वैकल्पिक रूप से एलिवेटेड रोड निर्माण की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि, इस
परियोजना को दिसंबर 2022 तक पूरा किया जाना था और इसकी अनुमानित लागत करीब 450 करोड़ रुपये रखी गई थी। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह तय समय पर पूरी नहीं हो सकी और अब इसकी लागत बढ़कर लगभग 610 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि “जनता का पैसा और समय दोनों की बर्बादी हुई है। छह महीने से सड़क पूरी तरह तैयार है, फिर भी केवल उद्घाटन न होने की वजह से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकारी यह कहकर टाल रहे हैं कि मुख्यमंत्री को समय नहीं मिल रहा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मात्र 4 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों को अब 10 से 12 किलोमीटर लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। वहीं नीचे की सड़कें गड्ढों से भरी हैं, जिनकी वजह से आए दिन रिक्शा और स्कूटर गिरने जैसी घटनाएं हो रही हैं।
भाकियू (लोकशक्ति) ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि जनहित में सोमवार तक या तो ऑनलाइन माध्यम से या किसी जनप्रतिनिधि के माध्यम से एलिवेटेड रोड का उद्घाटन कर दिया जाए। अन्यथा संगठन ने घोषणा की है कि 18 नवंबर (मंगलवार) को यह सड़क आम जनता के लिए स्वयं खोली जाएगी, जो पूरी तरह जनता के हित में होगा।
इस मौके पर भाकियू (लोकशक्ति) के परिवहन मंत्री ओमप्रकाश गुर्जर, महानगर अध्यक्ष महेश तंवर, युवा महानगर अध्यक्ष राजकुमार मोनू, हरेन्द्र बैसोया, हरि अवाना, जोगेंद्र चपराना, अरुण गौतम, गोविंद अम्बावता, मनोज शर्मा, बंटी सोलंकी, विजयपाल भाटी, जीतपाल तंवर, शंभु, फिरोज़ आलम, विकास, दीपक, नितिन गुर्जर, विवेक बरहेला, अरविंद आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
