नोएडा प्राधिकरण की 224वीं बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शहर के विकास, औद्योगिक विस्तार, परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
28 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक में मॉडल भवन विनियम-2026 को शामिल करने, नोएडा के सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी देने तथा विभिन्न सेक्टरों में व्यावसायिक और औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मॉडल भवन विनियम-2026 को मंजूरी।
बोर्ड ने उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी मॉडल भवन विनियम-2026 को नोएडा के लिए अंगीकृत करने की स्वीकृति प्रदान की गई ।
इसके तहत भवन निर्माण से संबंधित प्रावधानों को लागू करने और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नोएडा क्षेत्र के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान को मंजूरी।
इस योजना का उद्देश्य माल परिवहन और वितरण व्यवस्था को अधिक कुशल बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को घटाना है।
योजना के माध्यम से औद्योगिक इकाइयों और परिवहन सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे शहर में माल परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-147 में आईटी/आईटीईएस परियोजना को मिली मंजूरी।
सेक्टर-147 में लगभग 68 हजार वर्गमीटर भूमि पर आईटी/आईटीईएस उपयोग से संबंधित परियोजना विकसित करने की सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई है। प्रस्ताव के तहत क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी और उससे संबंधित सेवाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
सेक्टर-105 में बनेगा ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स।
सेक्टर-105 में लगभग 12,596.64 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली वाणिज्यिक भूमि पर एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को स्वीकृति दी गई है।
योजना के अंतर्गत भूखंड को एकल इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें 4.0 एफएआर तथा अधिकतम 20 मीटर ऊंचाई की सीमा निर्धारित की गई है। परियोजना के निर्माण के लिए तीन चरणों में भवन निर्माण और संबंधित प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विकसित होगा एआई सिटी एवं बिजनेस पार्क।
नोएडा में एआई सिटी और बिजनेस पार्क विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। परियोजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, अनुसंधान, स्टार्टअप और कौशल विकास से संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
परियोजना में मास्टर डेवलपर का चयन प्रतिस्पर्धात्मक ई-बिडिंग प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। विकास, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण की व्यवस्था निर्धारित शर्तों के अनुसार होगी।
सेक्टर-32 में उपभूखंडों की दरें निर्धारित
सेक्टर-32 स्थित वाणिज्यिक भूखंड संख्या सी-01 पर निर्मित यूनिटों के उपभूखंडों के लिए भू-भाटक की दरों को मंजूरी दी गई। निर्णय के अनुसार 612 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक की दर से भू-भाटक लिया जाएगा, जबकि कुछ मामलों में निर्धारित दर का 7 प्रतिशत, यानी लगभग 43 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक, लागू करने का निर्णय लिया गया।
आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े प्रस्ताव स्वीकृत।
बैठक में समूह आवासीय भूखंडों, उन पर निर्मित यूनिटों और व्यावसायिक परिसंपत्तियों के उपभूखंडों के आवंटन एवं हस्तांतरण से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त पात्र आवेदकों के लिए संबंधित प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 में सुधार।
औद्योगिक इकाइयों से संबंधित यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 के कुछ प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत आवंटन शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने तथा इकाई के संचालन की मूल अवधि तीन वर्ष अथवा पांच वर्ष के उपरांत अतिरिक्त समय देने से संबंधित प्रावधानों में बदलाव शामिल हैं।
संस्थानों में 15 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता होगी स्थापित।
नोएडा प्राधिकरण के सीवेज शोधन संयंत्रों, बहुस्तरीय कार पार्किंग स्थलों और भूमिगत जलाशयों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना को भी स्वीकृति दी गई।
योजना के तहत आरईएससीओ मॉडल के माध्यम से लगभग 15 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। इसमें सीवेज शोधन संयंत्रों और जलाशयों पर लगभग 8 मेगावाट तथा बहुस्तरीय कार पार्किंग स्थलों पर लगभग 7 मेगावाट क्षमता स्थापित करने का प्रस्ताव है।
परियोजना को संबंधित एजेंसियों के साथ विद्युत क्रय समझौते के आधार पर लागू किया जाएगा। इससे बिजली खर्च में बचत और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण के अनुमान के अनुसार, अगले 25 वर्षों में लगभग पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों के मामलों का निस्तारण।
नोएडा प्राधिकरण ने पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए नोएडा महायोजना-2031 में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया है। इसके अंतर्गत मौजूदा भू-उपयोग संबंधी प्रावधानों में नई पंक्ति और शर्त शामिल करने का प्रस्ताव है, ताकि पात्र किसानों के मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जा सके।
मोबाइल टावर और राइट ऑफ वे की अनुमति मिलेगी ऑनलाइन।
दूरसंचार संबंधी नीति को अंगीकृत करने और मोबाइल टावर तथा राइट ऑफ वे से संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया ऑनलाइन करने को मंजूरी दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत मोबाइल टावर के लिए आवेदन शुल्क और बैंक गारंटी संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके अलावा भूमि के ऊपर दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए आवेदन की जांच का शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
