गाज़ियाबाद प्रमुख सचिव का स्टेनो बताकर सिहानी गेट थाना क्षेत्र निवासी युवक से 1 लाख 20 हज़ार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे प्रदेश के डीजीपी को ईमेल द्वारा की है। शिकायत के बाद डीजीपी के आदेश पर सिहानी गेट थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा के अनुसार नेहरू नगर तृतीय के रहने वाले वाईपी मिश्रा काम के सिलसिले मे अक्सर लखनऊ सचिवालय में आना जाना रहता है। सफर के दौरान उनकी मुलाकात नीरज नामक युवक से हुई। नीरज ने खुद को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद का स्टेनो बताया। आरोपी ने समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी के रिक्त पदों पर उनकी नौकरी लगवाने की बात कही। फिर नीरज सिंह ने अदालत में भी संविदा पर नौकरी लगवाने की भी बात कही। वाईपी मिश्रा का आरोप है कि नीरज सिंह ने नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे 1.20 लाख रुपये वसूल लिए।यह रकम उन्होंने पे-टीएम के माध्यम से दी गई थी। काफी समय बीतने पर भी नौकरी नहीं लगी तो उन्होंने नीरज सिंह से रुपये वापस मांगे। जिसके बाद वह इधर उधर की बात करके जल्द ही नौकरी लगवाने की बात करता रहा। पुलिस के अनुसार आरोपी नीरज सिंह किसी पद पर तैनात नहीं है।आरोपी विधानसभा का अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करता है। वाईपी मिश्रा ने नौकरी के नाम पर ठगी होने की शिकायत डीजीपी से की। गाज़ियाबाद पुलिस के अनुसार पीड़ित की शिकायत पर नीरज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और आरोपी की तलाश की जा रही है।
