गौतमबुद्धनगर में पुलिस और FDRC (Family Dispute Resolution Centre) द्वारा पारिवारिक विवाद संबंधित मामलों में काउंसलिंग कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना, समाज में स्थिरता बनाए रखना और महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित FDRC में एक मामला प्राप्त हुआ था जिसमें आवेदिका प्रगति (काल्पनिक नाम) निवासी नोएडा ने अपने पति पीयूष (काल्पनिक नाम) निवासी गौतमबुद्धनगर व अन्य ससुराल पक्ष के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। प्रगति और पीयूष का विवाह पिछले साल नवंबर में हुआ था। कुछ समय के बाद पति-पत्नी के मध्य मामूली घरेलू बातों को लेकर मतभेद पैदा होने लगे। इन मतभेदों के चलते परिवार में अशांति रहने लगी और आवेदिका लगभग पिछले 3 माह से अपने पति से अलग रह रही थी। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए एफडीआरसी एवं महिला पुलिस टीम तथा प्रोफेशनल काउंसलर्स और मनोवैज्ञानिक व व्यवहारिक विज्ञान के विशेषज्ञों ने पति-पत्नी की अलग-अलग तय समय पर बुलाकर उनकी कांउसलिंग की। संवाद, परामर्श एवं आपसी विश्वास की पुनः स्थापना के लगातार किए गए प्रयासों द्वारा दोनों पक्षों को यह समझाया गया कि विवाद का समाधान मिलजुलकर निकालना ही परिवार के लिए सर्वोंत्तम विकल्प है। पुलिस और काउंसलिंग टीम के प्रयास आख़िरकार सफल हुए और दोनों पक्ष पुनः साथ रहने के लिए राज़ी हो गए। इस पहल से पति-पत्नी के बीच रिश्तों में पुनः विश्वास और सामंजस्य स्थापित हुआ, और एक परिवार टूटने से बच गया। आवेदिका व उनके पति द्वारा पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार पुलिस कमिश्नरेट की इस सकारात्मक व मानवीय पहल से एक बिखरता परिवार टूटने से बच गया और समाज में यह संदेश गया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पारिवारिक सौहार्द एवं सामाजिक समरसता की पुनःस्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
