मांगे नहीं मानी तो संगठन होगा एक बड़े आंदोलन कों मजबूर-महेश सिंह तंवर।
ग्रेटर नोएडा भारतीय किसान यूनियन अंबावता का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष गौतम (बुद्ध नगर) महेश तँवर की अध्यक्षता में यमुना प्राधिकरण में मुख्य कार्यपालक अधिकारी से मिलने पहुँचा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी के उपस्थित ना होने के चलते ओएसडी शैलेंद्र सिंह से मिले और उनके सामने अपनी बात रखी। ओएसडी को किसानों द्वारा अपनी समस्याओं के बारे में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा ।
इस दौरान किसानों द्वारा निम्न मुख्य मांगे उठाई।
1-किसानों को 10% विकसित भूखंड दिए जाएं।
2-किसानों की आबादी की बैकलीज़ तुरंत की जाए।
3-किसानों के शिफ्टिंग वाले मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
4-किसानों के बच्चों को उनकी जमीन पर लगे उद्योगों में नौकरी प्रदान की जाए।
5-किसानों के बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में कुछ परसेंट कोटा होना चाहिए जिससे कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सके।
6-किसानों के परिवार का प्राइवेट अस्पतालों में सस्ता इलाज होना चाहिए।
7-जिन गांवों की जमीन प्राधिकरण ने अधिग्रहण की है उन सभी गांव में पार्क, एवं बारात घर का निर्माण होना चाहिए।
8-गौतम बुद्ध नगर के किसानों के लिए टोल फ्री होना चाहिए।
9-बिजली विभाग की समस्याओं का निस्तारण किया जाए।
10- किसानों पर चल रहे सभी मुकदमों की निष्पक्ष जाँच की जाए।
11-1976 के किसान कोटे की स्कीम का लाभ सभी किसानों कों मिले।
भकियू अम्बावता के जिलाध्यक्ष चौधरी महेश सिंह तंवर ने कहा कि, अगर प्राधिकरण द्वारा उनकी मांगों को मानकर उनका समधान नहीं किया तो संगठन एक बड़े आंदोलन कों मजबूर होगा, जिसकी ज़िम्मेदारी शासन और प्राधिकरण की होगी।
इस मौके पर रविंद्र प्रधान (राष्ट्रीय प्रवक्ता), ओम सिंह अवाना (राष्ट्रीय सचिव), सुमित तंवर (पश्चिम उत्तर प्रदेश प्रवक्ता), प्रमोद कुमार (प्रदेश उपाध्यक्ष), कपिल खारी (ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष), डॉ रोहतास (नोएडा महानगर अध्यक्ष), विजयपाल भाटी (जिला उपाध्यक्ष), कविंद्र तंवर नोएडा महानगर अध्यक्ष (युवा), हरि अवाना, बबलू कश्यप, प्रमोद कश्यप,,गोविंद अम्बवता, साजिद हुसैन, सतीश तंवर और अन्य किसान मौजूद थे।
