Crime

राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई पर सुनवाई स्थगित

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नई दिल्ली, एजेंसी

सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड के सात दोषियों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के निर्णय के खिलाफ केंद्र की अपील की सुनवाई आज 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।

न्यायालय ने राज्य सरकार के जवाब का प्रत्युत्तर देने के लिए केंद्र के समय मांगने पर अंतिम सुनवाई के लिए मामले को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदियों को रिहा करने से रोक दिया था और उसे यथास्थिति बनाए रखने को कहा था।

तमिलनाडु सरकार ने केंद्र की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार इस मामले में रिट याचिका दायर नहीं कर सकती है। राज्य सरकार ने यह भी कहा कि यह केंद्र के अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। राज्य सरकार ने यह भी पूछा था कि केंद्र सरकार कैदियों की रिहाई के संबंध में उसका रुख जानने के लिए भेजे गए राज्य के पत्र का उत्तर देने के बाद सुप्रीम कोर्ट क्यों गई।

न्यायालय ने राज्य सरकार से प्रश्न करते हुए कहा था, क्या केंद्र सरकार जल्दबाजी कर रही है या आप भाग रहे हैं। उसने कहा था कि हर राज्य को कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया के बारे में पता होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को तीन दोषियों मुरगन, संथन और अरिवु की रिहाई पर रोक लगाते हुए कहा था कि उन्हें रिहा करने के निर्णय के संबंध में राज्य सरकार की ओर से प्रक्रियागत खामियां हुई हैं।

न्यायालय ने 18 फरवरी को इन तीनों दोषियों की मौत की सजा आजीवन कारावास में बदल दी थी। इसके बाद केंद्र ने दोषियों नलिनी, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन की रिहाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

जयललिता सरकार ने 19 फरवरी को सातों दोषियों को रिहा करने का निर्णय लिया था। खंडपीठ ने 20 फरवरी को तमिलनाडु सरकार, चेन्नई के कारागार महानिरीक्षक, वेल्लोर में केंद्रीय कारागार के अधीक्षक और मुरगन, संथन और ए जी पेरारिवलन उर्फ अरिवु को आज के लिए नोटिस जारी किया था।

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