विगत 28 वर्षों से निरंतर जारी है विजय घाट पर भाकियू अम्बावता द्वारा श्रद्धांजलि की परंपरा।
नई दिल्ली/गौतमबुद्ध नगर भारतीय किसान यूनियन अम्बावता द्वारा विजय घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने वाले भारतरत्न स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के पावन अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) द्वारा उनके समाधि स्थल ‘विजय घाट’ नई दिल्ली पर भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। भाकियू अम्बावता पिछले 28 वर्षों से निरंतर शास्त्री जी की जयंती पर विजय घाट पहुंचकर उन्हें नमन करती आ रही है।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अम्बावता के नेतृत्व में देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से हजारों की तादाद में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ता विजय घाट पहुंचे।
इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अम्बावता ने सभा को संबोधित करते हुए ने कहा कि,”स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी ने देश को स्वाभिमान से जीना सिखाया। 1965 के युद्ध और भीषण अन्न संकट के दौर में उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर खेत में पसीना बहाने वाले अन्नदाता और सीमा पर तैनात जवान को राष्ट्र की आत्मा घोषित किया था।
आज अगर देश खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, तो उसकी नींव शास्त्री जी के दूरगामी विजन में ही रखी गई थी। बड़े दुख की बात है कि आज शासन व्यवस्था शास्त्री जी के उस संकल्प को भूलती जा रही है। किसान को न तो उसकी फसल का वाजिब दाम मिल रहा है और न ही विकास की अंधी दौड़ में उसकी जमीनों का उचित हक। उन्होंने कहा भाकियू अम्बावता शास्त्री जी के आदर्शों पर चलकर अंतिम सांस तक किसानों के मान-सम्मान और हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

संगठन की गौतमबुद्ध नगर इकाई के जिला अध्यक्ष चौधरी महेश सिंह तंवर ने कहा कि,
“शास्त्री जी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भारत की मिट्टी से जुड़े सच्चे किसान पुत्र थे। उनका जीवन सिखाता है कि राष्ट्र का निर्माण किसानों की खुशहाली के बिना असंभव है।
उन्होंने कहा आज गौतमबुद्ध नगर का किसान दशकों से अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। विशेष रूप से 1976 में नए शहर बसाने के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीनों का जबरन अधिग्रहण किया गया था। आज 50 साल बीत जाने के बाद भी विस्थापित और प्रभावित किसानों को न्याय नहीं मिला।
हम स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि 1976 के प्रभावित किसानों की लंबित समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जाए। सभी पात्र किसानों को 64.7% बढ़ा हुआ मुआवजा और 10% के आवासीय प्लॉट बिना किसी देरी के आवंटित किए जाएं। जब तक हमारे अन्नदाताओं को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।”
इस मौके पर रविंद्र प्रधान पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष,ओम सिंह राष्ट्रीय सचिव, उदय अवाना एनसीआर अध्यक्ष, डॉ रोहतास गुर्जर नोएडा महानगर अध्यक्ष, सुमित तंवर पश्चिम युवा प्रदेश अध्यक्ष, कविंद्र तंवर नोएडा युवा महानगर अध्यक्ष,कपिल खारी ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष, संजय अग्रवाल व्यापार मंडी नोएडा अध्यक्ष, विजयपाल भाटी, हरि अवाना, मनोज शर्मा,नीरज कुमार, गोविंद अम्बावता, अजय चौहान, ब्बलू कश्यप, सन्नी कौशिक,अनिल कुमार, प्रमोद कश्यप, पूरण यादव, अशविंदर नागर,मनोज कौशिक, साजिद खान, हसमत राणा, सतेंद्र चौधरी, अकरम खान, सुनील अम्बावता, सहित भारी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
