गाजियाबाद ग्राम पंचायत रोरी में शिक्षा और डिजिटल संसाधनों से बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है। ग्राम प्रधान पूनम सिंह की पहल और जिला प्रशासन के सहयोग से युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी बना पंचायत भवन।
पंचायत भवन को डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया गया है। यहां कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर और ई-लर्निंग की सुविधाएं उपलब्ध हैं। युवा अब गांव में रहकर ही बैंकिंग, पुलिस, सैन्य सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
कंप्यूटर से लेकर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण और निःशुल्क कोचिंग।
यहां छात्रों को कंप्यूटर प्रशिक्षण, सिलाई व अन्य कौशलपरक गतिविधियां के साथ भारत सरकार मान्यता प्राप्त ITI प्रशिक्षण और निःशुल्क कोचिंग,
सरकारी नौकरी और योजनाओं की जानकारी का लाभ मिल रहा है।
बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा।
इस पहल से विद्यालयों में बालिकाओं के नामांकन में शानदार वृद्धि हुई है। शिक्षा से जुड़ने से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
ग्राम प्रधान पूनम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं से प्रेरणा लेकर यह पहल आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया।
रोरी की यह पहल साबित करती है कि शासन की योजनाएं, प्रशासन का सहयोग और जनप्रतिनिधि की इच्छाशक्ति मिले तो गांव आत्मनिर्भर बन सकता है।