पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास , सजा मे छूट की मांग को कोर्ट ने किया ख़ारिज

गौतमबुद्धनगर के जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा हत्या के आरोपी की आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। शासकीय अधिवक्ता रोहताश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि, शासकीय अधिवक्ता के तरफ से की गई प्रभावी पैरवी के परिणाम स्वरूप आज दिनांक 28 जुलाई को गौतमबुधनगर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। जानकारी के अनुसार थाना कासना पर 2020 मे एक मामला (244/2020 धारा 302, 316) दर्ज़ हुआ था। न्यायालय द्वारा अभियुक्त अखिलेश पालीवाल पुत्र उमाकांत निवासी डाडा, थाना कासना, गौतमबुद्धनगर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और वह जेल मे सजा काट रहा था।

2020 से जेल मे सजा काट रहा है अभियुक्त

जानकारी के अनुसार आरोपी द्वारा डाडा गांव स्थित किराए के मकान में सन 2020 में अपनी पत्नी की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने भवन निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाले औजारों से अपनी पत्नी बिजली की बेरहमी से हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार अभियुक्त शराब पीने का आदि था। अभियुक्त के घर का खर्च उसका ससुराल पक्ष (मृतका के मायके वाले) उठाते थे, इन्हीं पैसों को लेकर अभियुक्त का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था, जो उसकी मौत का कारण बना। बचाव पक्ष द्वारा दलील दी गई कि अभियुक्त की माली हालत ठीक नहीं है, और इसकी पैरवी करने वाला कोई नहीं है, लिहाजा इसको सजा मे छूट दे दी जाए। आज कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बड़ा निर्णय सुनाया।

कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर मानते हुए सुनाया फैसला

कोर्ट के अनुसार अभियुक्त द्वारा किया गया कार्य रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर है। इतनी निर्ममता से अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी को सजा मे माफ़ी नहीं दी जा सकती कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास (7 वर्ष ) की सजा सुनाते हुए अर्थ दंड भी लगाया है। कोर्ट द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास व 15000 रुपए के जुर्माने से दण्डित किया गया है। जुर्माना जमा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

Related posts

भूजल दोहन बंद करने और अन्य मांगो को लेकर करप्‍शन फ्री इंडिया की भूख हड़ताल।

टूर पैकेज बुक कराने के नाम पर धोखाधडी, 3 अभियुक्त गिरफ्तार।

प्रेरणा शोध संस्थान एवं एनआईओएस द्वारा मनाया गया हिंदी पत्रकारिता दिवस और नारद जयंती समारोह।