नोएडा प्रेरणा शोध संस्थान न्यास एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा रविवार को सेक्टर-62 स्थित कल्याण सिंह सभागार में “200वां हिंदी पत्रकारिता दिवस एवं देवर्षि नारद जयंती समारोह” का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डीडी न्यूज़ की वरिष्ठ सलाहकार संपादक रीमा पाराशर ने अपने संबोधन में कहा कि देवर्षि नारद को अक्सर हास्य पात्र के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि वे ज्ञान और सूचनाओं के आदान-प्रदान के प्रमुख वाहक थे। उन्होंने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। हमें नारद जी से सीखना चाहिए कि केवल संदेशवाहक नहीं, बल्कि संवेदनशील और सत्य संदेश पहुँचाना हमारा धर्म है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमर उजाला के समूह सलाहकार संपादक उदय कुमार ने की। उन्होंने कहा कि नारद जी की पत्रकारिता ‘सत्यम्, शिवम्, सुंदरम्’ के सिद्धांतों पर आधारित थी। उन्होंने बताया कि मई 1826 में उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू हुआ था, जो हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत का प्रतीक है।
उदय कुमार ने कहा, “आज सूचना की भरमार है, लेकिन ज्ञान का अभाव है। पत्रकारिता ‘व्यूज’ के लिए नहीं, बल्कि ‘वैल्यूज’ के लिए होनी चाहिए।” उन्होंने फिल्मों में धार्मिक पात्रों के चित्रण पर भी चिंता जताई और पत्रकारों से सनातन ग्रंथों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता कृपाशंकर, प्रचार प्रमुख (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि संघ के अनुसार सत्य, स्वाधीनता और समाज-जागरण ही पत्रकारिता का मूल धर्म है। उन्होंने देवर्षि नारद को ब्रह्मांड का प्रथम पत्रकार बताते हुए कहा कि वे तीनों लोकों में जाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे और उनका उद्देश्य धर्म की रक्षा तथा संतुलन बनाए रखना था।
इस मौके पर मीडिया, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े 250 से अधिक लोगों ने भाग लिया।