गौतमबुधनगर के बिसरख थाना पुलिस ने एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मोटा मुनाफा देने के नाम पर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने गिरोह के 3 सदस्यों लोकेश मिश्रा,पवन मिश्रा और संजीव को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्त लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल शर्मा ने पूछताछ मे बताया कि हमारे गिरोह में अरमान, संजीव तथा पवन मिश्रा शामिल है। पवन मिश्रा भोले भाले पैसे वाले लोगो से सम्पर्क करता है, और उनको बडे नोट के बदले में बढाकर छोटे रूपये के नोट वापस करने का लालच देकर मीटिंग फिक्स करता था । मीटिंग फिक्स होने के बाद हम लोग उनको बरगलाकर,जल्दी ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर पैसे देने के लिए तैयार कर लेते है। सब कुछ तय होने के बाद पवन मिश्रा पार्टी के पैसो को चैक करके निर्धारित स्थान पर लाता है, फिर हम लोग मौका देखकर पीड़ित को चकमा देकर मौके से भाग जाते है, और आपस में हिस्सा बांट लेते है। पवन मिश्रा ने इस पार्टी से पहले भी दो और पार्टियों से हम लोगो की मीटिंग करायी थी लेकिन वह पार्टिया तैयार नही हुई थी। अभियुक्तों के पास तीन चार पहिया वाहन सलाविया, आई-20, स्कार्पियों है। वाहनों का इस्तेमाल अभियुक्त द्वारा धोखा धड़ी करने मे किया जाता था। पुलिस के अनुसार लोकेश पहले भी ऐसी घटना में ही जिला गाजियाबाद , झांसी से जेल जा चुका हूँ। अभियुक्त पवन मिश्र ने पूछताछ मे बताया कि मै लॉजिस्टिक का व्यापार करता हूँ,जिस कारण मेरा अच्छे पैसे वाले लोगो में उठना बैठना रहता है।
नोट बदलने के नाम पर मोटे मुनाफे का देते थे लालच
डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन के अनुसार इस गिरोह का सरगना लोकेश मिश्रा उर्फ अनिल मिश्रा है। ये लोग जल्दी पैसा कमाने वाले भोले भाले लोगो से सम्पर्क करते थे,और उनको बडे नोट के बदले में बढाकर छोटे रूपये के ज़्यादा नोट वापस करने का प्रलोभन देकर अपने साथियों की मीटिंग कराते थे। पीड़ित को पैसों के साथ नियत स्थान व समय पर बुलाया जाता था। मौका देखकर अचानक रूपये छीन कर भाग जाते थे। अभियुक्तों ने पूछताछ मे बताया कि इस बार हमने रोबिन ,विवेक मिश्रा से सम्पर्क किया और उनके 500-500 रूपये के बडे नोट 10 रूपये के बदले में 100 तथा 200 रूपये के 12 लाख 2 लाख रूपये मुनाफे के साथ वापस देने का लालच दिया था। बीती 1 जुलाई को रोबिन तथा विवेक मिश्रा को चैरीकाउन्टी के पास स्थिति पेट्रोल पम्प पर बुलाया और रूपये देखने के बहाने अचानक रूपये से भरा बैग मैने लोकेश , अरमान, संजीव, के साथ मिलकर रोबिन के हाथ से छीनकर मौके से भाग गये थे। ये लोग पार्टि से अपना असली नाम छुपा लिया करते थे। लोकेश को पीड़ित रोबिन से अनिल शर्मा नाम बताकर मिलवाया गया था।