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वॉशिंगटन.एजेंसी
सुपर पॉवर अमेरिका का एक ऐसा कारनामा सामने आया है जिसे सुनकर आप खुद को और अपने आस-पास की व्यवस्था को सराहेंगे। विश्व की महाशक्ति अमरीका की लेटलतीफी का एक रोचक किस्सा सामने आया है। एक अमरीकी स्कूल टीचर ने 1931 की गर्मियों में अपनी मां को एक पत्र लिखा था। आश्चर्य है कि वो पत्र 83 साल बाद पते पर पहुंचा है। टीचर ने यह चिट्टी ह्यूलटन मैन से अपनी मां को भेजी थी, जो हाल ही में अमरीका के डाक विभाग की ओर से पिट्टसफील्ड पहुंचाई गई है। पढ़ें- कैसे हैं अमेरिका के राष्ट्रपति चिट्ठी कई सालों के बाद रहस्यमय ढंग से सामने आई थी। सन् 1931 में 23 साल के स्कूल शिक्षक मिरियम मैकमाइकल ने 9 पन्नों की यह पत्र अपनी मां डोल्लेना मैक माइकल को लिखा था जो पिट्टसफील्ड के पेटलोटा एवेन्यू में रहती थीं। अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं। पिट्टसफील्ड के डाक अधिकारियों को सुबह की डाक में यह चिट्ठी मिली। उन्हें जब पता कि मैकमाइकल परिवार 40 साल पहले स्कोहेगन चले गए थे, तब उन्होंने स्कोहेगन के डाकपाल से संपर्क किया। इसके बाद यह चिट्ठी रेड मैकमाइकल को दी गई, जिन्होंने उसे अपनी बहन एन्न मैकमाइकल को दिया। एन्न, मिरियम की भतीजी और डोल्लेना की पोती हैं। इस घटना के बाद अमरीका की देश-दुनिया में खिल्ली उड़ाई जा रही है साथ ही अन्य देश के डाक विभागों को बेहतर माना जा रहा है
