गाजियाबाद अब पशुपालकों को मोबाइल वेटरनरी यूनिट की 1962 टोल फ्री नम्बर पर काल करने पर मिलने वाली पशुचिकित्सा सेवा के लिए काल वेटिंग का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। समस्या से निजात दिलाने की कार्यवाही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भ कर दी गयी है। अभी तक पशुपालकों को मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सेवा का लाभ अपने घर पर प्राप्त करने के लिए कॉल सेंटर (1962/18001801486) पर कॉल लगाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। डॉ एसपी पाण्डेय के अनुसार जनपद गजियाबाद में वर्तमान मे तीन मोबाईल वेटनरी युनिट कार्यरत है, जनपद गाजियाबाद के सेवा प्रदाता का काल सेन्टर मेरठ में स्थापित है। जहाँ पर वर्तमान मे दो पशु चिकित्सक एवं छह काल कर्मचारी (काल एग्जिक्युटिव) कार्यरत है। लेकिन यह संख्या पर्याप्त नहीं थी। अनेक पशुपालकों द्वारा तो टोल फ्री नंबर पर काल न लगने की शिकायतें की जाती थी। पशुचिकित्सक द्वारा टेली मेडिकेशन द्वारा पशुपालकों की समस्या का समाधान किया जाता है। काल एग्जिक्युटिव पशुपालकों की समस्या सुनकर मोबाईल यूनिट को पशुपालक के द्वारा पर सेवा प्रदान करने की निर्देश प्रदान करते है। पशुपालकों की काल वेंटिंग की समस्या के चलते प्रदेश सरकार द्वारा इनकी संख्या बढ़ाकर चार पशु चिकित्सक एवं बारह काल एग्जिक्युटिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में पशुपालकों को 1962 पर सम्पर्क करने में आसानी होगी। काल वेटिंग में बर्बाद नहीं जायेगा और पशुपालकों की समस्या का समाधान कम समय में हो जाएगा।