लखनऊ परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस के संयुक्त मीटिंग में रोड सेफ्टी, ई-चालान और अनुज्ञापत्र/परमिट नीतियों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
आज (23 जुलाई) उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर गहन विमर्श करते हुए ई-चालानों की वसूली को अधिक प्रभावी बनाना, गंभीर दुर्घटनाओं में संलिप्त लाइसेंसधारकों और वाहनों की पहचानकर उनके निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाए।
चालान भुगतान की प्रक्रिया को बनाया जाएगा सुगम
ई-चालानों की अधिकतम वसूली हेतु ITMS एवं यातायात पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर वाहन स्वामियों को व्हाट्सएप के माध्यम से चालान विवरण भेजे जाने की नवीन व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) को यातायात विभाग में लागू करने पर भी विचार किया गया, ताकि भुगतान की प्रक्रिया को सुगम एवं डिजिटल रूप में अपनाया जा सके।
ई-चालान में चालनकर्ता के ड्राइविंग लाइसेंस का होगा निलंबन
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि कैमरा आधारित ई-चालान में चालनकर्ता का प्रत्यक्ष पता न होने की स्थिति में वाहन स्वामी को ही प्राथमिक उत्तरदायी मानते हुए, उनके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन/निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी। विशेषकर तब जब उल्लंघन गंभीर प्रकृति का हो या बार-बार किया गया हो। इस हेतु चालान नोटिस में स्पष्ट रूप से लिखने की व्यवस्था की गई है, ताकि ड्राइविंग लाइसेंस पर दायित्व के तहत कार्रवाई हो सके।
सड़क सुरक्षा होगी पुख्ता
कोष प्रबंधन समिति की आगामी बैठक से पूर्व, सड़क सुरक्षा से जुड़े नवाचारों तथा वार्षिक कार्ययोजना की भी प्रस्तुति दी गई। इसके तहत निर्णय लिया गया कि प्रदेश के प्रमुख शहरों में यातायात एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से हेलमेट एवं सीट-बेल्ट जांच अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिससे सडक सुरक्षा पुख्ता हो सके।
इस मौके पर आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह एवं अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात श्री के. नारायण द्वारा की गई। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, यातायात निदेशालय सुभाष चन्द्र दूबे तथा अपर परिवहन आयुक्तगण सहित परिवहन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।