गौतमबुद्धनगर थाना फेस-1 पुलिस और थाना साइबर क्राइम द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए फर्ज़ी कॉल सेंटर का खुलासा किया गया है। कॉल सेन्टर के माध्यम से लोन देने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार गिरफ्तार किया गया है।
थाना फेस-1 पुलिस द्वारा एक फर्जी कॉल सेन्टर का भंडाफोड़ किया गया है। अभियुक्त लोन देने के नाम पर लोगो से ठगी का काम करते थे।
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद के अनुसार इस मामले मे विक्रम सिंह, अमन, केशव, अरमान चौधरी, मोहित, राहुल सिंह, फिरोज खान, राहुल, अक्षय कुमार मिश्रा, पंकज सिह और दिव्या वर्ष 11 अभियुक्तों को सेक्टर-16, नोएडा से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग अनाधिकृत रूप से लोगो का डाटा जिसमें उनके नाम, पता, मोबाइल नम्बर, जन्मतिथि आदि सूचनाओं के साथ प्राप्त करते थे। कस्टमर को कॉल करके उन्हे 0% ब्याज पर लोन देने का झांसा देते थे। कस्टमर को अपने जाल में फंसाकर लोन, रजिस्ट्रेशन एवं जीएसटी जमा करने के नाम पर उनसे पैसे लेकर उनकी बीमा पॉलिसी कराकर दे देते थे,और रुपये बीमा कम्पनियो के बैंक खातो में जमा कराते थे। लोन की धनराशि कस्टमर से जिन बीमा कंपनियों के नाम के खातों में जमा कराई जाती थी, उन कंपनियों से इनको कमीशन के रूप में 40% से 60% तक कमीशन प्राप्त होता था। इस प्रकार यह लोगो से धोखाधडी करके ठगी करते थे। उक्त कॉल सेंटर का डायरेक्टर गौरव जोशी व उसकी पत्नी नेहा है जो कि मौके पर मौजूद नहीं थे। अभियुक्तों से बरामद डेस्क फोन की आई.एम.ई.आई पर बैंगलोर सिटी से शिकायत एनसीआरपी पर दर्ज है।
पुलिस द्वारा अभियुक्तों के पास से 43 लैंडलाइन फोन, 21 मोबाइल फोन, 05 लैपटॉप, 61 सिम कार्ड, 36 सिम कार्ड के खाली लिफाफे व कस्टमरों का अनाधिकृत रूप से लिया गया डाटा की 10 फाइलें बरामद की गयी है। अभियुक्तों के व्हाट्सएप चैट से अनधिकृत वेंडर की भी जानकारी प्राप्त हुयी है, जिससे भारत के लाखों लोगों की निजी जानकारी को एक्सेल शीट में फोन में मौजूद पाया गया। पुलिस वांछित अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने की बात कह रही है।