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लोकतंत्र के मंदिर में मोदी ने टेका मत्‍था।

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नई दिल्‍ली. बीजेपी संसदीय दल की बैठक के दौरान नरेंद्र मोदी को मंगलवार को सर्वसम्‍मति से संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। इस दौरान आडवाणी और मोदी दोनों भावुक हो गए। दरअसल, आडवाणी ने मोदी की खूब तारीफ की और कहा कि जीत के ऐतिहासिक पल दिखाकर नरेंद्र भाई ने कृपा की। उनकी यही बात सुनकर देश के भावी प्रधानमंत्री का गला भर आया।

बैठक के दौरान आडवाणी ने कहा, ‘जब देश आजाद हुआ तो आंखों में आंसू आए, इमरजेंसी में भी ऐसा ही हुआ। आज नरेंद्र भाई का स्वागत करते भी ऐसा ही हुआ।’ उधर, मोदी ने नेता चुने जाने के लिए धन्‍यवाद करते हुए अपने भाषण में कहा, ‘आज अटल जी की सेहत ठीक होती और उनका आशीर्वाद पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में मिलता तो सोने पर सुहागा होता।’ अटल को याद करके भावुक हुए मोदी ने आगे कहा, ‘यह देश के शक्तिशाली लोकतंत्र का नतीजा है, जिसकी वजह से मेरे जैसी गरीब पृष्‍ठभूमि का शख्‍स यहां तक पहुंच पाया।’

भाषण के दौरान मोदी एक बार फिर भावुक हो गए। उन्‍होंने आडवाणी के उन शब्‍दों का जिक्र किया, जिसमें उन्‍होंने कहा था कि जीत के ऐसे ऐतिहासिक पल दिखाकर नरेंद्र भाई ने कृपा की। भावुक मोदी ने कहा  कि उनकी प्रार्थना है कि आडवाणी जी ऐसे शब्‍दों का प्रयोग न करें। यह कहने के बाद वह कुछ क्षण के लिए बोल नहीं पाए। उन्‍होंने पानी मांगा। पानी पीने के बाद उन्‍होंने खुद को संभाला और दोबारा भाषण शुरू किया। उन्‍होंने कहा, ‘ जैसे भारत मेरी मां, वैसे ही पार्टी भी मेरी मां और मां की सेवा कृपा नहीं होती।’

इससे पहले मोदी जब बैठक में पहुंचे तो उन्‍होंने संसद के सेंट्रल हॉल के मुख्‍य द्वार पर मत्‍था टेका। अंदर आने पर मंच से राजनाथ सिंह ने बताया कि मोदी पहली बार सेंट्रल हॉल में आए हैं।

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