ग्रेटर नोएडा के थाना दादरी द्वारा एक फ़र्ज़ी मामले का खुलासा करते हुए 3 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
पड़ोसी को झूठे मुकदमे में फ़साने की थी साजिश।
जानकारी के अनुसार दादरी के न्यादरगंज कस्बे के निवासी हरेन्द्र नागर की अपने पड़ोसी अधिवक्ता विकास सैन से कहासुनी हो गई थी जिसके चलते उसने विकास सैन को झूठे मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से रचे गये षड्यंत्र रचा गया था। हरेंद्र नागर द्वारा स्वयं पर जानबूझकर फायरिंग कराकर अपने पड़ोसी को झूठे मुकदमे में फ़साने की साजिश की गई थी।
इस सम्बन्ध में पुलिस द्वारा जॉच की गई तो ज्ञात हुआ कि हरेन्द्र नागर ने अन्य 5 व्यक्तियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र रचा था।
पुलिस उपायुक्त ग्रेटर श्रवण कुमार के अनुसार अभियुक्तों द्वारा विकास सैन को गंभीर अपराध में फंसाकर जेल भिजवाने की प्लानिंग की गई थी। योजना को अंजाम देने के उद्देश्य से हरेन्द्र नागर द्वारा 25 अक्टूबर की रात अपने साले अतुल भाटी एवं कलुआ उर्फ प्रतीक को अपने घर बुलाकर सीसीटीवी कैमरे के सामने स्वयं पर फायरिंग कराई गई। फ़र्ज़ी फायरिंग करने के बाद अभियुक्त द्वारा थाना दादरी पर विकास सैन के विरुद्ध झूठी शिकायत की गई।
पुलिस को जाँच के दौरान उक्त घटना में अभियुक्तों की भूमिका एवं षड्यंत्र के संबंध में महत्वपूर्ण सबूत मिले। जाँच के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अतुल भाटी एवं कलुआ उर्फ प्रतीक को अपने घर बुलाकर सीसीटीवी कैमरे के सामने स्वयं पर फायरिंग कराई गई। हरेन्द्र नागर और उसका भाई सतेन्द्र उर्फ सत्ते वर्ष 2007 के एक मुकदमे में धारा 302 के अंतर्गत सजायाफ्ता मुजरिम हैं, और हरेंद्र नागर पैरोल पर जेल से बाहर आया था।
थाना दादरी पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए मु0अ0सं0 530/26 धारा 109(1)/352/351(3) बीएनएस का खुलासा करते हुए 3 वांछित अभियुक्तों प्रतीक उर्फ कलुआ,अतुल भाटी और अभिषेक नागर गिरफ्तार किया गया है। साजिशकर्ता हरेंद्र नागर मामले में वांछित है। पुलिस के अनुसार शीघ्र ही अन्य वांछितों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।