प्रधानमंत्री–सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती एवं कैशलेस इलाज।
फर्स्ट ओपिनियन गाज़ियाबाद जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान डीएम ने कहा कि, सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीएम-राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार उपलब्ध हो।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित सरकारी एवं निजी अस्पतालों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए। योजना के अंतर्गत नामित अस्पतालों में आने वाले सड़क दुर्घटना पीड़ितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।
जो अस्पताल इसमें नामित नहीं है और नियमानुसार नामित किये जा सकतें हैं, तो उनसे वार्ता कर आवेदन कराते हुए नामित किया जाएं।
उन्होंने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को निर्देशि दिए कि, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने पर उसकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।
योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रकरण को पोर्टल पर दर्ज किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार, अधिकतम सात दिनों की अवधि तक उपलब्ध कराया जाता है। दुर्घटना किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई हो, योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र पीड़ित को इसका लाभ उपलब्ध कराया जाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को निकटतम नामित अस्पताल की जानकारी एवं आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना पीड़ित को योजना के अंतर्गत उपचार उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी न हो। सभी संबंधित विभाग एवं अस्पताल आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन निश्चित करें।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सचिन चंद्र वैश्य सहित स्वास्थ्य विभाग, एआरटीओ, पुलिस विभाग एवं संबंधित निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।