नई दिल्ली भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2026 अब 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन बिल्कुल फ्री।
22 से 30 दिन के अंदर 20 रुपये शुल्क + रजिस्ट्रार की अनुमति।
1 साल से ज्यादा, 2 साल तक की देरी पर DM, SDM या DM द्वारा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश लेना जरूरी होगा
अधिकारी पहले सत्यापन करेंगे फिर निर्धारित शुल्क (50-100 रु राज्य के अनुसार) जमा करना होगा।
2 साल से ज्यादा देरी पर सबसे सख्त नियम। अब सीधे प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate First Class) का आदेश लेना अनिवार्य होगा, मतलब कोर्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा
रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार इसका उद्देश्य रिकॉर्ड में पारदर्शिता, समय पर रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना और जन्म-मृत्यु के आंकड़ों को 100% सटीक बनाना है। 2023 के बाद जन्म प्रमाण पत्र ही स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, आधार, वोटर लिस्ट, सरकारी नौकरी के लिए सिंगल प्रूफ बन गया है, इसलिए देरी रोकनी जरूरी थी।
परिवार में जन्म या मृत्यु होने पर 21 दिन के अंदर ही नगर निगम / ग्राम पंचायत / सरकारी अस्पताल के रजिस्ट्रार के पास सूचना जरूर दें। देरी करेंगे तो फीस भी 10 गुना बढ़ गई है और कोर्ट-कचहरी के चक्कर भी लगेंगे।