ग्रेटर नोएडा के थाना कासना पीड़ित द्वारा सूचना दी गयी कि दिनांक 13 अक्टूबर को उनका बेटा उम्र लगभग 6 वर्ष घर से खेलते-खेलते कहीं चला गया है तथा घर पर वापस नही आया है। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना कासना पर मामला दर्ज़ किया गया।
शनिवार 17 अक्टूबर को थाना कासना पुलिस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि कुछ अभियुक्त ग्राम डाढा के पास में बच्चा चोरी करने की घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे है। सूचना पर थाना कासना पुलिस द्वारा ग्राम डाढ़ा गोल चक्कर के पास चेकिंग की जा रही थी। तभी पुलिस टीम द्वारा सामने से आती हुयी एक संदिग्ध प्रतीत हो रही कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन पर कार सवार व्यक्ति रुकने के बजाय कार को तेजी से चलाते हुए भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम द्वारा उक्त कार का पीछा किया गया तो उक्त कार पेड़ से टकराकर रुक गयी।
कार सवार बदमाशो द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए कार से उतरकर भागने का प्रयास किया जाने लगा। पुलिस टीम द्वारा जवाबी कार्यावाही में 3 अभियुक्त गोली लगने से घायल हो गये। घायल अभियुक्तों में गुरमीत सिंह,सुमित कुमार और अंकित कुमार शामिल है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 3 अवैध तमंचे,कारतूस घटना में प्रुयक्त औरा कार रजि नं0 UP23BT5621 और कुछ नकदी बरामद हुयी है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर 02 अन्य अभियुक्त विकास और नकुल सिंह को ग्राम डाढ़ा गोलचक्कर से गिरफ्तार किया गया है। दो अभियुक्ता पुष्पा और कमलेश जिनके कब्जे से सम्बन्धित अपहर्त नाबालिक बच्चा बरामद किया गया है,को कासना से गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा के अनुसार पूछताछ के दौरान अभियुक्त अंकित द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा अपने साथी नकुल के साथ मिलकर काशीराम अस्पताल के सामने से मोटरसाइकिल रजि नं0 HP12M0780 से उक्त नाबालिक बच्चे का अपहरण किया गया था। हम अपने अन्य साथी गुरमीत, सुमित व विकास के साथ मिलकर बच्चे को औरा गाड़ी से गाजियाबाद ले गये थे। हमारे साथी सुमित ने अपनी मामी पुष्पा के कहने पर उपरोक्त बच्चे का अपहरण करने की बात हमसे कही थी, जिसको बच्चा देकर हमे कुल 2 लाख रूपये प्राप्त हुए थे तथा 2.50 लाख रूपये बाद में मिलने थे।
अभियुक्त ने मामी के कहने पर किया था बच्चे का अपहरण।
अभियुक्त सुमित द्वारा बताया गया कि उसकी मामी पुष्पा द्वारा उसे बताया गया था कि एक महिला कमलेश निवासी दिल्ली के द्वारा एक नाबालिक बच्चा खरीदने के बदले रूपये देने के सम्बन्ध में बताया गया है। यदि कोई नाबालिक बच्चा हो तो बच्चे को बेचकर अच्छे पैसे मिल जाएंगे। इसके बाद मैंने योजना बनाते हुए अपने दोस्त अंकित, नकुल और टैक्सी चालक गुरमीत को घटना में सम्मिलित किया तथा पूर्व योजना के अनुसार अंकित और नकुल द्वारा दिनांक 13 अक्टूबर की शाम को बच्चे का अपहरण कर लिया गया था तथा बच्चे को बेचकर रूपये प्राप्त किये थे।