लखनऊ प्रदेश में 4 नए स्वचालित परीक्षण स्टेशनों (ATS) को Final Registration Certificate (RC) जारी किए गए है। प्रति जनपद अधिकतम 3 ATS की सीमा निर्धारित की गई है।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सड़क सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से स्वचालित परीक्षण स्टेशन (Automatic Testing Stations—ATS) नेटवर्क का त्वरित विस्तार किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप 4 नए एटीएस को Final Registration Certificate (RC) निर्गत किए गए, जिससे प्रदेश में कार्यरत एटीएस की कुल संख्या 14 हो गई है।
(वर्तमान चरण में RC निर्गमन का यह प्रक्रिया जनवरी 2025 से चरणबद्ध रूप से चल रही है। समस्त RC नियमानुसार रजिस्ट्री अधिकारी परिवहन आयुक्त द्वारा ही जारी किए गए हैं।
आरसी प्राप्त 4 नए एटीएस
(RC दिनांक 26-08-2025):
1. AKRS ATS Private Limited, लखनऊ
2. Sharp-N-India (Consortium) with Triplea Tech Integrator, आगरा
3. M/s Air Sales Corporation, कानपुर नगर
4. M/s Mamta Hygiene Products Pvt. Ltd., मीरजापुर
इन नई स्वीकृतियों के साथ प्रदेश में अब फिरोजाबाद, बिजनौर, झांसी, मुरादाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद (द्वितीय), फतेहपुर, रामपुर, लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर और मीरजापुर में कुल 14 ATS कार्यरत हैं।
प्रक्रिया सम्बंधी प्रमुख बिंदु और SOP के अनुरूप जनपद-वार सीमा
किसी भी जनपद में अधिकतम 03 ATS स्थापित किए जा सकते हैं; First Come, First Serve के सिद्धांत पर पात्र आवेदनों को प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदक-वार सीमा: एक ही आवेदक/संस्था को एक जनपद में 01 ATS, तथा पूरे प्रदेश में अधिकतम 03 ATS अनुमन्य हैं।
भूमि/इन्फ्रास्ट्रक्चर मानक: न्यूनतम 2 एकड़ भूमि (प्रारम्भिक 2-लेन हेतु); अतिरिक्त प्रत्येक टेस्ट-लेन पर 0.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि। कम-से-कम 02 लेन—एक हल्के (LMV/दोपहिया) और एक मध्यम/भारी (MMV/HMV) वाहनों के लिए।
एटीएस हेतू दस्तावेज और अन्य औपचारिकता।
₹50,000 ऑनलाइन आवेदन शुल्क; ₹5,00,000 की बैंक गारंटी (वैधता 10 वर्ष 6 माह); वैध भूमि/लीज़ दस्तावेज, अग्निशमन (NOC), श्रम विभाग प्रमाणपत्र, आवश्यक कंपनी/एफ़िडेविट/डिक्लेरेशन इत्यादि।
ऑडिट व इंटीग्रेशन: Pre-Commissioning Audit/Assessment सफलतापूर्वक पूरा करना अनिवार्य; CCTV-सक्षम, डेटा-लॉग्ड परीक्षण। AFMS–VAHAN–eChallan आदि डिजिटल प्रणालियों से इंटीग्रेशन का सत्यापन होने के बाद ही Final RC निर्गत किया जाता है। पोर्टल व्यवस्था: सभी आवेदन NSWS पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड और बाद में मूल प्रतियों का सत्यापन।
एटीएस से होने वाले लाभ।
एटीएस के माध्यम से वाहन-फिटनेस परीक्षण पूरी तरह स्वचालित, कैमरा-सक्षम, एल्गोरिदम-आधारित और डेटा-लॉग्ड होता है,जिससे मानवीय त्रुटि एवं विवेकाधीनता कम होती है, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ती है, तथा रोड सेफ़्टी और प्रदूषण नियंत्रण लक्ष्यों की प्राप्ति तेज़ होती है। डिजिटल रिपोर्टिंग, टाइम-स्लॉटिंग, ऑनलाइन भुगतान/रसीद, तथा AFMS–VAHAN–eChallan जैसे एकीकरण से नागरिकों को तेज़, सरल और भरोसेमंद सेवा मिलती है—और राज्य को बेहतर अनुपालन, डेटा-आधारित निगरानी व परिणाम मिलते हैं।
वर्तमान में प्रदेश में कुल 14 एटीएस हैं,कार्यरत।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के अनुसार एटीएस नेटवर्क का विस्तार उत्तर प्रदेश की रोड सेफ़्टी को प्राथमिकता देने की ठोस प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 4 नए एटीएस को अंतिम पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने के साथ, प्रदेश में कुल 14 एटीएस कार्यरत हैं। स्वचालित, मानकीकृत और कैमरा-आधारित फिटनेस परीक्षण से नागरिकों को पारदर्शी सेवा और राज्य को विश्वसनीय डेटा मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि SOP के अक्षरशः पालन के साथ एटीएस कवरेज का त्वरित विस्तार किया जाए, ताकि हर फिट वाहन सुरक्षित सड़कों का आधार बने।
परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश एटीएस व्यवस्था को प्रक्रिया-सम्मत, समयबद्ध और जनहित-केंद्रित रखते हुए निरंतर विस्तार कर रहा है। सभी नागरिकों, परिवहन हितधारकों और उद्योग जगत से अपेक्षा है कि वे ज़िम्मेदार और सुरक्षित परिवहन के लिए एटीएस-आधारित फिटनेस प्रणाली का सहयोग करें।